यह घटना सच में काफी गंभीर है, जहां एक महिला ने प्रशासन से न्याय न मिलने के कारण आत्मदाह का प्रयास किया। रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने थाने से लेकर जिला पुलिस कप्तान तक कई बार शिकायत की थी, लेकिन उसे कोई सुनवाई नहीं मिली। ऐसे मामलों में यह बेहद निराशाजनक होता है कि जिनके पास शक्ति और संसाधन हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाती है, जबकि पीड़ितों को न्याय मिलने

में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। महिला के आत्मदाह के प्रयास के बाद पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, और घटना की जांच की जा रही है। इस प्रकार के मामले समाज और प्रशासन दोनों के लिए एक बड़ा सवाल उठाते हैं, कि आखिर क्यों ऐसे मामलों में पीड़ितों को उचित सहायता नहीं मिल पाती, और क्या व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता नहीं है?