
यह बहुत ही गंभीर और परेशान करने वाली स्थिति है, जहां एक बैंक मैनेजर को सिर्फ इसलिए धमकाया जा रहा है क्योंकि उन्हें मराठी भाषा नहीं आती। यह घटना महाराष्ट्र जैसे विविधतापूर्ण राज्य में हो रही है, जहां भाषा के आधार पर भेदभाव और धमकी देने की घटनाएं चिंता का विषय बन चुकी हैं। यहां यह बात भी महत्वपूर्ण है कि पहले आम लोगों को धमकाया जाता था, लेकिन अब तो अधिकारियों को भी धमकियां दी जा रही हैं। यह न केवल एक व्यक्ति के खिलाफ हो रहा है, बल्कि यह समाज में भय और असमानता को भी बढ़ावा दे रहा है। ऐसी घटनाओं को लेकर समाज और प्रशासन को जागरूक होना चाहिए और इस तरह के भेदभाव और धमकियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।