स्कूल में जागरूकता अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय के शिक्षकों को बताया गया कि वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट जैसे सुरक्षित उपकरणों के इस्तेमाल से कैसे सड़क पर होने वाले दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है और अपनी व यातायात का उपयोग कर रहे अन्य व्यक्तियों के जान की रक्षा की जा सकती है। सड़क सुरक्षा के सदस्यों ने वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करना कितना खतरनाक हो सकता है, रोड क्रॉस करने एवं अन्य के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने अपील किया कि वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग ना करें और सीट बेल्ट का प्रयोग करने हेतु परिवार एवं छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को प्रेरित करें। जागरूकता अभियान के क्रम में यातायात नियम का कड़ाई से पालन करने के लिए सभी छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के बीच शपथ ग्रहण करवाया गया। उन्होंने कहा ऐसी गलती न करें और कड़ा रुख अपना कर अपने परिवार को भी सुरक्षा का पाठ पढ़ाये। साथ ही उन्हें भविष्य में सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित

किया। उन्होंने कहा इन सबको देखते हुए सभी तरह के नियमों का पालन नियमित रूप से किया जाएं तो भविष्य उज्जवल हो सकती है| इसके अलावे दुर्घटना से पीड़ित व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले अस्पताल में अपना नाम दर्ज कराएं, ताकि चिकित्सक प्रमाणित कर सकें कि घायल व्यक्ति को किसने मदद की है उस मददकर्ता को गुड सेमेरिटन के तहत 2,000 रु एवं प्रशस्ति पत्र दी जा सके। साथ ही सड़क हादसों में मृत्यु दर को कम करने के उदेश्य से लोगों को इस संशोधित अधिनियम की ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्रदान की जा सके और लोग एक दूसरे को इसके प्रति जागरूक कर सके एवम इसके साथ साथ हिट एंड रन के बारे में बिस्तर पूर्वक बतलाया गया किसी अज्ञात वाहन से दुर्घटना घटित होने पर 2,00000(दो लाख ) एवम गंभीर रूप से घायल होने पर 50,000 (पचास हजार) का प्रावधान है।