महाकुंभ के आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री ने खुद सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने महाकुंभ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और हर महत्वपूर्ण दिन पर रातभर बैठकर हर कार्य को सही तरीके से संपन्न करवाया। खासकर, अमृत स्नान के दौरान उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की कठिनाई का सामना न हो। महाकुंभ के समापन के बाद, मुख्यमंत्री सफाई अभियान में भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। वह खुद सफाई कर्मियों के साथ मिलकर सफाई का कार्य कर रहे हैं और उन्हें सम्मानित भी कर रहे हैं। उनकी यह सक्रियता और समर्पण इस बात का प्रतीक है कि वह

सनातन परंपराओं के हर कार्य में हमेशा सबसे आगे रहते हैं, चाहे वह प्रशासनिक जिम्मेदारियां हो या धार्मिक आयोजनों में भागीदारी। मुख्यमंत्री का यह समर्पण और कार्यों के प्रति जिम्मेदारी का उदाहरण हर किसी के लिए प्रेरणादायक है।