
बाराती हो तो भोलेनाथ के बारात के जैसा। जी हां शादी तो एक से बढ़ कर एक होती है बारात भी लोगों की रिकॉर्डतोड़ निकलती और सजती है परंतु विशेश्वर ,त्रिलोकेश्वर, बाबा भोलेनाथ की बाराती का कोई जोड़ नहीं,कोई मुकाबला नहीं। कोयलांचल में भी बाबा भोलेनाथ की बाराती शिव भक्तों ने अपने अपने अंदाज अपने अपने ढंग से निकाली क्या पुरुष क्या महिलाएं क्या बच्चे और क्या बूढ़े, सभी ने भरपूर ताकत ,भक्ति और शक्ति लगा दी मटकुरिया के बाबा भूतनाथ की हो या अलगडीहा के बाबा की हो या फिर जयरामपुर की हो या झरिया के बूढ़ा बाबा की हो सभी ने कोई मौका नहीं जाने दिया शायद ही कोई आधुनिक वाद्ययंत्र हो जो बाबा के बाराती में न बजाया जाए और क्या संसद क्या विधायक क्या नेता और क्या अभिनेता सभी इस बारात में बाराती बनना अपना सौभाग्य ही समझते थे।पूरा का पूरा कोयलांचल ही बाबा भोलेनाथ के भक्ति में महाशिवरात्रि के दिन रंगा हुआ नजर आ रहे थे। प्रस्तुत है इस अद्भुत बारात की कुछ झलकियां सहयोगी संदीप दत्ता के साथ पंकज सिन्हा की रिपोर्ट धनबाद से।