रानीगंज थाना पुलिस को दो अलग-अलग मामले मे बड़ी सफलता मिली है। रानीगंज इलाके में ईसीएल कर्मी के घर में हुई चोरी के घटना की गुथी पुलिस ने सुलझाई, इस घटना में चोरी हुई गहनो के साथ पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया,वही दूसरी तरफ एक अन्य मामले में पर्सनल लोन करने के नाम पर एक लाख के ठगी के मामले में पचास हजार रूपये समेत झारखण्ड के जामताड़ा गैंग का सदस्य को गिरफ्तार किया। मंगलवार को चोरी हुई गहने और नकद रकम वापस मिलने के बाद ईसीएल कर्मचारी नूर आलम खान ने दावा किया कि उनका “अल्लाह” लिखा हुआ सोने का हीरे जड़ा लॉकेट ही चोरी की गुत्थी सुलझाने में अहम कड़ी साबित हुआ। घटना रानीगंज थाना क्षेत्र का है, जहां दो अलग-अलग चोरी और ठगी के मामलों में पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया और जांच के बाद चोरी हुए गहने व नकदी बरामद की। पुलिस ने साइबर क्राइम से जुड़े जामताड़ा गैंग के एक सदस्य से पूछताछ कर ठगी की रकम भी बरामद की।जानकारी के अनुसार, रानीगंज थाना क्षेत्र के बांसरा कोलियरी इलाके में स्थित अस्पताल कॉलोनी में चोरों ने एक मकान में घुसकर सोने के गहने और नकदी उड़ा ली थी। इस वारदात के बाद पुलिस इंस्पेक्टर बिकाश दत्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अपने सोर्स के जरिए चोरों का पता लगाया और छापेमारी कर चोरी का सारा सामान बरामद किया। बरामद किए गए सामानों में एक खास लॉकेट भी शामिल था, जिसे नूर आलम खान के ससुर ने हज के दौरान सऊदी अरब से लाकर उनकी बेटी को उपहार में दिया था। पुलिस की जांच में यही लॉकेट अहम सबूत बना और इसके जरिए पुलिस चोरी का सुराग पाने में सफल रही। पुलिस ने चोर के पास से

50,000 रुपये में से 4,500 रुपये भी बरामद किए, जबकि बाकी रकम किसी अन्य व्यक्ति के पास होने की जानकारी आरोपी ने दी। नूर आलम खान ने पुलिस की इस सफलता पर खुशी जताई और कहा कि उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा कि चोरी गया उनका बहुमूल्य लॉकेट और अन्य सामान उन्हें वापस मिल गया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन की सराहना की। इस मामले के अलावा, पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े जामताड़ा गैंग के एक सदस्य सागर दास को भी गिरफ्तार किया। सागर दास मिहिजाम थाना क्षेत्र के गरैया इलाके का निवासी है और पहले भी ठगी के मामले में पकड़ा जा चुका है। 2024 में 27 जुलाई को रानीगंज के कॉलेज पाड़ा इलाके के ईसीएल कर्मचारी सुधीर कुमार से ठगों ने “एक्सिस बैंक का पर्सनल लोन चुकता नहीं हुआ है” यह कहकर केवाईसी अपडेट कराने के बहाने ओटीपी लेकर 1.5 लाख रुपये की ठगी की थी। जब सुधीर कुमार ने इसकी शिकायत रानीगंज थाने में दर्ज कराई, तो पुलिस ने उस फोन नंबर को ट्रेस किया, जो पहले से जामताड़ा पुलिस द्वारा ठगी के मामलों में जब्त किया जा चुका था। जांच के बाद, पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सागर दास रानीगंज के निचू पंजाबी मोड़ इलाके में छिपा हुआ है। पुलिस ने वहां छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। रविवार को आरोपी को आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश ने उसे 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पूछताछ में आरोपी ने 50,000 रुपये की जानकारी दी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। दोनों मामलों में पुलिस की तत्परता से चोरी गया सामान और नकद वापस मिलने पर ईसीएल के दोनों कर्मचारी बेहद खुश हैं। पुलिस अब बाकी चोरी हुए पैसों की बरामदगी के लिए आगे की जांच में जुटी है।