आलोक वर्मा बिहार नवादा / हिसुआ राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षाविद् डॉ मिथिलेश कुमार सिन्हा साहित्य, संस्कृति और शिक्षा के सितारा थे। उन्होंने शिक्षा, संस्कृति और समाजिक क्षेत्र में एक तपस्वी बनकर काम किया। उनके कामों को भूलाया नहीं जा सकता। वे अमर रहेंगे। वे शिक्षा के इन्कलाबी सिपाही, सृजनकर्ता और बहुआयामी प्रतिभा के इंसान थे। इन बातों के साथ उन्हें साहित्यिक श्रद्धांजलि दी गयी। रविवार को हिसुआ के टीएस कॉलेज के सामने स्थित मनपंसद मैरेज हॉल में उनकी स्मृति के कार्यक्रम में साहित्यकार व शिक्षाविद् जुटे थे। यादें मिथिलेश-क्या भूलूं क्या याद करूं शीर्षक से मिथिलेश साहित्यकारों ने उनकी जीवनी, शिक्षा, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में किये गये सराहनीय कार्य को रेखांकित किया। उनको खो देने से समाज को बड़ी क्षति पहुंचने की बात कही गयी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उदय शंकर शर्मा उर्फ कविजी, विशिष्ट अतिथि मिथिलेश सिन्हा की पूनम सिन्हा और सम्मानित अतिथि और वक्ताओं में प्रो भारत भूषण, प्रो मनुजी राय, प्रो शिवेंद्र नारायण सिंह, प्रो पुष्पा कुमारी, समाजसेवी और रंगकर्मी श्रवण बरनवाल, संजय सिन्हा, डॉ सवा अहमद, डॉ विपीन कुमार, डॉ रमेश कुशवाहा आदि ने संबोधित किया। मंच को जयनारायण प्रसाद, बांके बिहारी सिंह, बृजनंदन प्रसाद, बीएम सिन्हा, मेवालाल शर्मा, अनिल कुमार, ललित किशोर शर्मा ने संबोधित किया।

अध्यक्षता दीनबंधु और मंच संचालन संयोजक उदय भारती ने किया। गणेश वंदना के साथ दीप जलाकर और डॉ मिथिलेश सिन्हा की तस्वीर पर पुष्पांजलि कर कार्यक्रम शुरु हुआ। प्रवीण कुमार पंकज ने उनकी साहित्यिक-सांस्कृतिक उपलब्धियों पर चर्चा की। नामित साहित्यकार, अतिथियों और पत्रकारों का सम्मान हुआ। दूसरे सत्र में सभी रस के कवि रंजीत दुधू, विश्व मगही परिषद् के अध्यक्ष लालमणि विक्रांत, सुमंत, पूर्व बैंक अधिकारी सुबोध कुमार, नीशा कुमारी, रजनी कुमारी, अमरेंद्र पुष्प, अनिल कुमार, मधुकांत, अरविंद जी, गुलाम सरवर, उदित नारायण, गुलाम सरवर, आचार्य गोपाल, बबलू विश्वकर्मा आदि ने काव्य पाठ किया। धारावाहिक, वृतचित्र लेखक व संपादक हेमांशु शेखर, मगही पत्रिका के संपादक धनंजय श्रोत्रिय, संझाबाजी पत्रिका के संपादक हेमंत कुमार, गीत, गजलकार अरूण हरलीवाल, सारथी पत्रिका के संपादक जयनंदन सिंह, वरीष्ठ गीतकार उमेश प्रसाद सिंह उमेश, मगही मगध नागरिक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पारस कुमार सिंह, गीतकार और इप्टा रंगकर्मी नरेंद्र सिंह, गीतकार व शिक्षाविद् वीणा मिश्रा और गीत गजलकार शफीक जानी नांदा को सम्मान मिला। बेस्ट श्रोता का सम्मान नंद किशोर प्रसाद को मिला। धन्यवाद ज्ञापन जयनारायण प्रसाद ने किया।