उत्तराखंड में लागू होने वाले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर AIMIM के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि “इसे यूसीसी नहीं कहा जा सकता जब आप हिंदू विवाह अधिनियम और हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम को अपवाद बना रहे हैं और यह आदिवासियों पर लागू नहीं होगा।” ओवैसी ने सवाल उठाया, “यह यूनिफॉर्म सिविल कोड कैसा है?” उनका आरोप था कि यह कानून केवल मुसलमानों की शादियों और तलाक को प्रभावित करेगा। असदुद्दीन ओवैसी ने यह भी कहा कि अगर

कोई हिंदू धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तित होना चाहता है तो उसे अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा, उन्होंने वक्फ संपत्तियों से जुड़े मुद्दे पर भी चिंता जताई और कहा कि यह बिल वक्फ को बर्बाद करने के लिए लाया जा रहा है। ओवैसी ने इस कानून को लेकर भविष्य में विरोध की भी संभावना जताई, जैसे कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ हुआ था।