अखिल भारतीय नदी बचाओ कमेटी के सदस्यों ने साइकिल यात्रा कर बीती रात जामुड़िया क्षेत्र के कुनुस्तोड़िया कांटा मोड इलाके में पहुंचे। यह लोग 18 तारीख से पश्चिम बंगाल के बिरभूम जिले में स्थित मयूराक्षी नदी से 750 किलोमीटर की यात्रा पर निकले हैं।अखिल भारतीय नदी बचाओ कमेटी के सदस्य यह यात्रा साइकिल से कर रहे हैं इनका मकसद पश्चिम बंगाल की छोटी नदियों की दुर्दशा एवं उनके अस्तित्व के बारे में लोगों को जागरूक करना है इन लोगों का कहना है कि देश की बड़ी नदियों के बारे में तो सरकार और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों द्वारा सोचा जाता है और काम भी किया जा रहा है लेकिन छोटी नदियों के बारे में ज्यादा लोग नहीं सोचते जबकि छोटी नदियां स्थानीय स्तर पर उस क्षेत्र के लोगों के जीवन का एक अहम हिस्सा होती है इसलिए छोटी नदियों के रखरखाव के लिए यह साइकिल जागरूकता यात्रा की जा रही है इसके जरिए उन्होंने अब तक पश्चिम बंगाल के नदियों

मयूराक्षी,अजय, सालबनी, चंद्रभागा,सिंगारण इन नदियों का जायजा लिया गया है इस बारे में अखिल भारतीय नदी बचाओ कमेटी के सदस्य अजीत कुमार कोड़ा ने बताया कि नदियों की हालत देखकर कमेटी के सदस्यों को रोना आ गया।उन्होंने कहा कि यह बड़ी खुशी की बात है कि अखिल भारतीय नदी बचाओ कमेटी के सदस्यों की कोशिश की वजह से जामुड़िया के ऐतिहासिक सिंघारन नदी की दुर्दशा आज पूरे भारत में लोगों को पता चली है। उन्होंने कहा कि अगर नदियों की ऐसे ही हालात होती रही तो आने वाले समय में लोगों को ₹100 लीटर की कीमत पर पानी खरीदनी पड़ेगी और लोगों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।