संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया जी ने हाल ही में वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज जी से मुलाकात की। एकांत में हुए इस संवाद ने न केवल धर्म, बल्कि कार्य और जीवन के संतुलन पर भी महत्वपूर्ण बातें उजागर की। यह संवाद सिर्फ एक अधिकारी और एक साधु के बीच नहीं था, बल्कि यह जीवन के सही मार्ग पर चलने का संदेश था।

DM राजेंद्र पेंसिया जी ने न केवल धर्म का पालन किया, बल्कि अपने कर्तव्यों को भी ईमानदारी से निभाया। संभल के DM का यह अनुभव यह बताता है कि धर्म के साथ-साथ अपने कार्यों में नैतिकता और ईमानदारी का पालन करना जीवन की सबसे बड़ी साधना है।