भभुआ: संत लॉरेंस स्कूल में UN महासभा प्रतियोगिता |

भभुआ: संत लॉरेंस स्कूल में UN महासभा प्रतियोगिता |

आज शनिवार को भभुआ के संत लॉरेंट्न्ज इंग्लिश स्कूल के प्रांगण में बच्चों के द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा के सभी देशों के सदस्यों ने 30 राष्ट्रपति के समक्ष रखा,संत लॉरेंट्ज इंग्लिश स्कूल आयोजन किया गया जिसमें 30 उगी में नेपाल, वर्गलादेश, कुवेत, भारत, हांगकांग, नार्वे. पुरान, युनाइटेड स्टेट. गंगोलिया, किंजी, जाफन, श्रील, सिरीची, फ्रांस, देश का किरदार निभाकर छात्र छात्राओं ने लोगों के बीच सही संदेश पहुंचाने का काम किया. इस सभी संयुक्त राष्ट्र महासभा में राजनीतिक सहयोग, कानून के विकाम और कोडिफिकेशन, मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता की प्राप्ति, और स्वास्थ क्षेत्रों में अतर्राष्ट्रीय सम्भोग को बढ़ाना उना साथ ही पनरस्त्रीकरण, पात. प्रदुषण, शिक्षा को बढ़ाग देना, अपरहण, रेप, जात- अपरहण, लूट-पात, कब्जा, रेप जैसे गहन मुझ्दो पर कभी की गयी,इस कार्याक्रम में बच्चे बच्चियों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारीयों को बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, संयुक्त राष्ट्र महासभा मैं कार्यर्याक्रम कराने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को देश की विम्भिन समस्यों से अवगत कराया. साथ ही

इनकी बोलने की शैली का विकास करना निर्देशक विजय कुमार तिवारी के हौसले को बुलंद किया साथ ही प्रभात कुमार स्वान प्रधाध्यापक के सहयोग से कार्यक्रम का समापन था, विद्‌यालय के छात्रों ने भूमिका निभाई साथ ही प्रधना चार्य वैभव कुमार पाण्डेय किया गया. वही बच्चों ने बताया कि हमारे देश में जो स्थिति है वह बिचौलियों के चक्कर में पड़ जाने की वजह से देश की हालत खराब है वह कोई भी योजना हो क्योंकि सरकार जितना पैसा किसी काम में खर्च करने के लिए देती है जहां बिचौलियों के द्वारा उसमें से लेकर उसके बाद वह पैसा कम होकर डीएम तक पहुंचता है, उसके बाद डीएम साहब के द्वारा ठेकेदारों को पैसा दे दिया जाता है जहां उसमें सभी ठेकेदार आधी रकम अपने पास रखकर आधी रकम से ही काम को करवाते हैं जिससे कि कभी विकास नहीं हो सकता. इसलिए हम लोग सरकार से मांग करते हैं कि डायरेक्टली जिलाधिकारी को टेंडर का पैसा दिया जाए उसके बाद जिलाधिकारी खुद अपने अंदर में ठेकेदारों से काम करवाए ,उसके बाद ही हमारे देश का विकास हो सकता है अन्यथा विचोलियो के चक्कर में पढ़ते रहने से इसी तरह पैसे का लूट होता जाएगा और हमारा देश कभी भी आगे नहीं बढ़ सकता है।

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