देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में करीब दो सप्ताह की देरी के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने जोरदार दस्तक दी है। मानसून के आते ही शहर के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, लेकिन राहत के साथ परेशानी भी बढ़ गई। भारी बारिश के 24 घंटे के भीतर ही मालाड, कुरार विलेज, अंधेरी, बांद्रा, गोरेगांव, कुर्ला और सायन समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।

मालाड पूर्व के कोंकणीपाड़ा इलाके में कई घरों में कमर तक पानी भर गया, जिससे लोगों का सामान और घरेलू वस्तुएं पानी में डूब गईं। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्यों के कारण प्राकृतिक जल निकासी बाधित होने का आरोप लगाया है। वहीं, जलभराव ने बीएमसी के मानसून पूर्व तैयारियों के दावों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उधर, मौसम विभाग ने 24 से 30 जून तक महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 26 जून को मध्य महाराष्ट्र के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

