सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपायुक्त ने विभागों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश |

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपायुक्त ने विभागों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश |

उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा उपायों की प्रगति, सड़क सुरक्षा से संबंधित पूर्व निर्देशों के अनुपालन तथा विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि मई माह में जिले में कुल 09 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 07 लोगों की मृत्यु हुई तथा 04 लोग घायल हुए। वहीं जनवरी से मई 2026 तक कुल 34 सड़क दुर्घटनाओं में 27 लोगों की मृत्यु तथा 17 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उपायुक्त ने जिले के चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों को ऐसे स्थानों की पहचान करने को कहा, जहां अंधे मोड़, कम दृश्यता अथवा दुर्घटना की संभावना अधिक रहती है। ऐसे स्थानों पर सोलर ब्लिंकर, स्ट्रीट लाइट, रोड सिगनेज, कॉन्वेक्स मिरर तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण स्थापित करने के निर्देश दिए गए।


उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी विद्यालयों से समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करें कि स्कूल बसों एवं विद्यार्थियों के परिवहन में उपयोग होने वाले सभी वाहनों के दस्तावेज अद्यतन एवं वैध हों। मोटरयान निरीक्षक को सभी स्कूल बसों एवं संबंधित वाहनों का भौतिक निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सड़क किनारे बालू, गिट्टी, ईंट अथवा अन्य निर्माण सामग्री का अवैध भंडारण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राज्य मार्गों पर सड़क सुरक्षा संकेतक, चेतावनी बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, रिफ्लेक्टिव टेप, ब्लिंकर लाइट एवं स्ट्रीट लाइट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिन स्थानों पर बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हैं, वहां विशेष सुरक्षा उपाय अपनाने एवं नियमित निरीक्षण करने पर बल दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पिछले छह महीनों में जहां-जहां सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, उन सभी स्थलों का पुनः भौतिक सत्यापन कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर स्थायी समाधान विकसित किया जाए। बैठक में बताया गया कि जिले में नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है तथा बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन, शराब पीकर वाहन चलाने एवं अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा दुर्घटना संभावित स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाए।

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