धनबाद के बेलगड़िया कॉलोनी में झरिया पुनर्वास योजना के तहत लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया 20 बेड का उप स्वास्थ्य केंद्र आज बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि निर्माण के वर्षों बाद भी यह अस्पताल एक दिन के लिए भी शुरू नहीं हो सका।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भवन बनाकर प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली, लेकिन न डॉक्टरों की नियुक्ति हुई और न ही स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की गईं। नतीजा यह हुआ कि अब अस्पताल का भवन वीरान पड़ा है और दरवाजे, खिड़कियां समेत कई सामान चोरी हो चुके हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि समय पर निगरानी और रखरखाव होता तो सरकारी संपत्ति की यह दुर्दशा नहीं होती। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर अस्पताल शुरू क्यों नहीं किया गया और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी?
स्थानीय लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और अस्पताल को जल्द चालू करने की मांग की है।

