रानीगंज मे वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद हुई कथित चुनावी हिंसा और अन्य मामलों में पश्चिम बर्धमान युवा तृणमूल कांग्रेस के जिला सचिव तथा रानीगंज टीडीबी कॉलेज टीएमसीपी छात्र यूनियन के पूर्व सचिव सौमित्रो बनर्जी को रानीगंज थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सोमवार रात लगभग 10 बजे गुप्त सूचना के आधार पर एनएसबी रोड स्थित एक आवास पर छापेमारी कर उन्हें हिरासत में लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चुनाव उपरांत हिंसा से जुड़े मामलों में इससे पहले श्रीदान मंडल और शुभों भट्टाचार्य समेत कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि सौमित्रो बनर्जी अपने एक परिचित के घर में छिपे हुए थे। गिरफ्तारी के बाद उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया तथा मंगलवार को उन्हें आसनसोल जिला न्यायालय में पेश किया गया। जानकारी के अनुसार, रानीगंज थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 और 2024 की चुनावी हिंसा से संबंधित तीन अलग-अलग मामले दर्ज हैं, जिनमें लगभग 20 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता रवि केशरी ने आरोप लगाया कि 28 अगस्त

2024 को आरजी कांड के विरोध में आयोजित सभा के दौरान तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया था। उन्होंने दावा किया कि उस घटना में कई कार्यकर्ता घायल हुए थे तथा उनकी ओर से शिकायत दर्ज कराने का प्रयास भी किया गया था। वहीं, गिरफ्तारी के बाद सौमित्रो बनर्जी ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें कानून और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि छात्र राजनीति के दौरान कुछ घटनाएं अवश्य हुई थीं, लेकिन उसके बाद वे किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधि में शामिल नहीं रहे। मंगलवार सुबह जब पुलिस उन्हें आसनसोल जिला न्यायालय ले जा रही थी, तब रानीगंज थाना परिसर में कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके खिलाफ नारेबाजी की गई तथा अंडे फेंके जाने की भी सूचना है। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने सुरक्षा के बीच उन्हें प्रिजन वैन में बैठाकर न्यायालय के लिए रवाना किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सभी की निगाहें न्यायालय की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

