भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य से भारत आने वाला एलएनजी कैरियर ‘दिशा’ सुरक्षित रूप से गुजर चुका है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में फंसे अन्य जहाजों के भी सुरक्षित पहुंचने की उम्मीद बढ़ गई है। शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, इस जहाज में 62 हजार टन से अधिक एलएनजी लदी है और इसके 18 जून तक भारत पहुंचने की संभावना है।

वर्तमान में भारत की ओर आ रहे 34 जहाजों में से 15 जहाज कच्चा तेल, एलएनजी और एलपीजी लेकर आ रहे हैं, जबकि 16 जहाज खाद से संबंधित सामग्री लेकर चल रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के फैसले के बाद समुद्री मार्गों पर स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में ऊर्जा ढांचे को हुए नुकसान के कारण पूरी तरह सामान्य स्थिति बहाल होने में अभी समय लग सकता है।

