विश्व रक्तदाता दिवस पर रक्तदान के लिए आगे आए शिक्षक और छात्र |

विश्व रक्तदाता दिवस पर रक्तदान के लिए आगे आए शिक्षक और छात्र |

विश्व रक्तदाता दिवस के शुभ अवसर पर हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा सदर अस्पताल हजारीबाग में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें हजारीबाग कोचिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने अहम भूमिका का निर्वहन किया हजारीबाग कोचिंग एसोसिएशन की ओर से लगभग 30 से ज्यादार रक्तदाताओं ने रक्तदान किया हजारीबाग कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जेपी जैन ने कहा कि रक्तदान महादान है और जिला प्रशासन की यह पहला बहुत ही सराहनीय है प्रत्येक व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए जिससे किसी के जीवन को बचाया जा सके सचिव डॉक्टर प्रकाश कुमार ने कहा कि रक्त दान मानवता की सच्ची सेवा है यह वास्तव में विश्व के सबसे बड़े दान की श्रेणी में आता है उपाध्यक्ष सुदेश प्रसाद ने कहा कि रक्तदान मानवता का सुखद संदेश प्रदान करता है तथा यह हमें दूसरों को मदद करने के लिए प्रेरित करता है महादेव ने बतलाया रक्तदान सबों के लिए जरूरी है तथा यह हमारे लिए अनुकरणीय एवं प्रेरणादायक है एसडीओ आदित्य कुमार पांडे, जिला आपूर्ति पदाधिकारी मुरली कुमार

यादव,कार्यपालक दंडाधिकारी प्रेम कुमार, रेडक्राॅस के सचिव तनवीर सिंह ने हजारीबाग कोचिंग एसोसिएशन के इस शानदार पहल की सराहना की और कहा शिक्षकों ने सत्यापित कर दिया है कि वह शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा में भी सदैव अग्रणी भूमिका निभाते हैंरक्त प्रदान करने वालों में मुख्य रूप से हजारीबाग कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जेपी जैन सचिव डॉ प्रकाश कुमार उपाध्यक्ष सुदेश प्रसाद मीडिया प्रभारी सहगल कुमार अमरदीप ठाकुर आयुष कुमार महादेव कुमार जनक प्रजापति रितेश कुमार सिंह, सूरज कुमार जयंती कराइ दीपक प्रसाद अनिल कुमार कमल किशोर कुमार अमितेश कुमार मोहम्मद इसराफिल अमन कुमार अशोक कुमार राजकुमार महेश कुमार राजेश कुमार महादेव कुमार सूरज कुमार लालू प्रसाद, रवि कुमार, मोनू ओझा, आशीष कुमार, सुजल , आशीष, रितेश ने रक्तदान किया। कई शिक्षकों ने पहली बार रक्त दान करते हुए खुशी की अनुभूति की तथा इसे शानदार अनुभव बतलाया हजारीबाग कोचिंग एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुदेश प्रसाद एवं अमरदीप ठाकुर ने पहली बार रक्तदान करते हुए यह कहा कि उन्हें बहुत अच्छा महसूस हो रहा है तथा वह भविष्य में भी रक्तदान करेंगे उनके मन में भ्रांति थी कि रक्तदान से कमजोरी का अनुभव होता है लेकिन यह भ्रांति दूर हो गई और वे सहज और गर्व कीअनुभूति कर रहे हैं ।

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