हजारीबाग जिले के Ichak Block अंतर्गत परासी गांव के एक दलित परिवार ने जमीन विवाद को लेकर उपायुक्त से न्याय की गुहार लगाई है। बिनोद रजक और उनके परिवार का दावा है कि उनकी दादी के नाम बंदोबस्त की गई भूमि पर न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला दिया है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग विवाद खड़ा कर रहे हैं।
परिवार के अनुसार, वर्ष 1993 से चल रहे टाइटल सूट का फैसला 2022 में उनके पक्ष में आया था, जबकि इसके खिलाफ दायर अपील भी वर्ष 2026 में खारिज हो गई। रजक परिवार का कहना है कि 34 वर्षों की कानूनी लड़ाई के दौरान परिवार के कई सदस्य गुजर गए, लेकिन वे न्याय के लिए संघर्ष करते रहे।

परिवार ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग जमीन को सार्वजनिक भूमि घोषित कराने की कोशिश कर रहे हैं। मामले में निष्पक्ष जांच और भूमि अधिकार की सुरक्षा की मांग करते हुए उपायुक्त को आवेदन सौंपा गया है।

