केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में करीब 47 साल बाद शराबबंदी खत्म होने जा रही है। केंद्र सरकार ने 1979 से लागू लक्षद्वीप निषेध विनियमन को समाप्त कर नया लक्षद्वीप आबकारी विनियमन-2026 लागू कर दिया है। नए नियम के तहत शराब के निर्माण, भंडारण, आयात, बिक्री और सेवन के लिए लाइसेंस व्यवस्था लागू होगी। हालांकि शराब की बिक्री पूरी तरह खुली नहीं होगी। प्रशासन के पास बिक्री और सेवन को नियंत्रित करने का अधिकार रहेगा। 21 साल से कम उम्र के लोगों को

शराब नहीं बेची जाएगी। साथ ही शराब पर भारी एक्साइज ड्यूटी भी लगाई गई है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2024 के दौरे के बाद यहां पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। हालांकि स्थानीय संगठनों और कुछ राजनीतिक दलों ने इस फैसले का विरोध भी किया है और सामाजिक प्रभावों को लेकर चिंता जताई है।

