विनोबा भावे विश्वविद्यालय में पीएम-ऊषा के तहत आयोजित संकाय विकास कार्यक्रम यानी एफडीपी के तीसरे और चौथे दिन आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, भारतीय ज्ञान परंपरा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI पर गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम का विषय था – “इक्विटी सेंटर्ड हायर एजुकेशन: इंटीग्रेटिंग भारतीय ज्ञान परंपरा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस”। तीसरे दिन हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मधुसूदन ने ऑनलाइन और ऑफलाइन शिक्षण की चुनौतियों और

संभावनाओं पर प्रकाश डाला। वहीं बीएचयू के डॉ. कुशाग्री सिंह ने AI आधारित शिक्षण और एक्टिव लर्निंग की अवधारणा को विस्तार से समझाया। चौथे दिन अमिटी विश्वविद्यालय, लखनऊ की डॉ. ऋतु त्रिपाठी चक्रवर्ती ने भारतीय ज्ञान परंपरा, AI और समावेशी मूल्यांकन पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की क्षमता और पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर निष्पक्ष मूल्यांकन होना चाहिए। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा सहित कई शिक्षाविद मौजूद रहे।

