जिले के किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराने, उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने तथा कृषि एवं वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सिद्धो कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ की निदेशक परिषद की बैठक उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में की गई। बैठक में जिले में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सिद्धकोफेड द्वारा जिले में चावल मिल स्थापित करने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने की मांग की गई। उपायुक्त ने कहा कि जिले में चावल मिल की स्थापना से न केवल किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।उपायुक्त ने जिले में बेहतर कार्य कर रहे लैम्पसों को तेल मिल एवं दाल मिल स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण से मूल्य संवर्द्धन को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों को आर्थिक रूप से अधिक लाभ प्राप्त होगा। बैठक में सिद्धकोफेड के कार्यालय निर्माण हेतु पांच एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में भी विचार विमर्श किया गया। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। चावल मिल

स्थापना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने हेतु जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी एवं उद्योग विभाग के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त टीम गठित की गई। यह टीम परियोजना की व्यवहार्यता, संसाधनों की उपलब्धता एवं अन्य आवश्यक पहलुओं का अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराया जाए तथा उनकी उपज के मूल्य संवर्द्धन के लिए ठोस एवं परिणामोन्मुखी पहल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कृषि एवं वनोपज आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की जा सकती है। इसके लिए किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार व्यवस्था, भंडारण सुविधाओं तथा प्रसंस्करण इकाइयों से जोड़ना आवश्यक है। स्थानीय स्तर पर कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्द्धन किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। बैठक में सहकारी संघ की वर्तमान गतिविधियों की समीक्षा करते हुए भविष्य की कार्ययोजना पर भी विमर्श किया गया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा किसानों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास करने का निर्देश दिया

