देश में जनगणना की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। घर-घर सरकारी कर्मचारी जनगणना के लिए पहुंच रहे हैं।जनगणना प्रपत्र में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए अलग से कॉलम है, परंतु अन्य पिछड़ा वर्ग “ओबीसी” के लिए कोई कॉलम नहीं है। ओबीसी वर्ग को जनरल अथवा अन्य श्रेणी में अंकित किया जा रहा है। राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा द्वारा पिछले कई वर्षों से जाति जनगणना की मांग को लेकर छोटे-बड़े आंदोलन किए जाते रहे हैं। ओबीसी वर्ग का कॉलम नहीं होने से संगठन एवं ओबीसी समाज में रोष व्याप्त है। मोर्चा का मानना है कि इससे ओबीसी समुदाय को पूर्व से ही सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक स्तर पर नुकसान झेलना पड़ा

रहा है। जाति जनगणना में ओबीसी का कॉलम जोड़ने की मांग को लेकर आगामी चार जून को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के कार्यालय धुर्वा रांची में आक्रोश मार्च सह राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा गया हैं। ओबीसी समाज से आग्रह है कि अपने हक और अधिकार के लिये इस आंदोलन में भाग लेकर अपने हक और अधिकार को सुरक्षित करे आने वाले पीढ़ी के लिये। साथ ही सभी राजनीतिक दल के ओबीसी वर्ग से आने वाले सदस्य, पदाधिकारी, विधायक, सांसद,ओबीसी समुदाय के सामाजिक कार्यकर्ता से निवेदन है कि ओबीसी वर्ग के हक और अधिकार को सुरक्षित करने के लिए इस आंदोलन में शामिल होकर अपनी आवाज को बुलंद करे। राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा हजारीबाग झारखंड के प्रदेश सचिव सुरेश ठाकुर ने कहा कि जनगणना फॉर्म में अतिशीघ्र ओबीसी कॉलम जोड़े केंद्र सरकार,नहीं तो चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में आंदोलन होगा

