हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय में “भविष्य का विश्वविद्यालय: कृत्रिम बुद्धिमत्ता का सामरिक उपयोग” विषय पर एक विशेष संवादात्मक कार्यशाला का आयोजन किया गया। पीएम-ऊषा के मेरु घटक और डेलॉइट्टे के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से जुड़े विशेषज्ञ राघव ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI अब तक की सबसे शक्तिशाली तकनीक है। उन्होंने ChatGPT, Custom

GPT और AI-Native जैसे आधुनिक उपकरणों की जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में AI नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। कार्यक्रम का संचालन डेलॉइट्टे के कमलेश व्यास ने किया। उन्होंने बताया कि AI से मिलने वाले जवाब काफी हद तक इस बात पर निर्भर करते हैं कि हम किस प्रकार का प्रॉम्प्ट देते हैं। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने कई सवाल पूछे, जिनके विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिए।

