हजारीबाग में रामाश्रम सत्संग मथुरा के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय आंतरिक सत्संग समारोह का रविवार को भक्ति और श्रद्धा के माहौल में समापन हो गया। समारोह की पूर्णाहुति सभा को संबोधित करते हुए परम पूज्य अमित भैया जी ने गुरु महिमा, सेवा, प्रेम और भंडारे के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि जहां संतों का वास होता है, वह स्थान अपने आप में तीर्थ बन जाता है। संतों का सान्निध्य मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है और उसे आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर करता है। अमित भैया ने कहा कि गुरु केवल मार्गदर्शक नहीं बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले प्रकाश स्तंभ हैं।

उन्होंने श्रद्धालुओं से निस्वार्थ भाव से सेवा और प्रेम का मार्ग अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान भजन, सत्संग और आध्यात्मिक प्रवचनों का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।

