केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली की भलस्वा डंपिंग साइट का दौरा कर वहां चल रहे सफाई और वेस्ट प्रोसेसिंग कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2026 तक भलस्वा डंपिंग साइट को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य तय किया गया है और इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
खट्टर ने बताया कि कूड़े के विशाल पहाड़ को खत्म करने के लिए वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बायो-माइनिंग तकनीक के जरिए पुराने कचरे की प्रोसेसिंग कर उसका निपटान किया जा रहा है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

करीब 70 एकड़ में फैली भलस्वा लैंडफिल साइट 1994 से दिल्ली की बड़ी समस्या बनी हुई है। अब ड्रोन सर्वे और आधुनिक तकनीकों की मदद से इसकी निगरानी की जा रही है, ताकि तय समय सीमा के भीतर इस डंपिंग साइट को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

