झारखंड के पीरटांड से सामने आई यह तस्वीर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत बयां कर रही है। यहां एक मरीज को इलाज के लिए खटिया पर ढोकर ले जाया गया, क्योंकि समय पर एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल सकी। यह दृश्य न सिर्फ दर्दनाक है, बल्कि उन तमाम दावों पर भी सवाल खड़े करता है, जिनमें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की बात कही जाती है। ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सड़क, एंबुलेंस और अस्पताल

की कमी के कारण मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। पीरटांड की यह तस्वीर दिखाती है कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था कितनी बदहाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद हालात नहीं बदल रहे हैं। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और कब स्वास्थ्य व्यवस्था सच में लोगों तक पहुंचेगी।

