झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम रबींद्र भवन पहुंचे जहां कांग्रेस के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों ने उनका माला पहना कर एवं बुके देकर स्वागत किया। पूरा भवन शेर आया के नारे से गूंज उठा। बारी बारी से पार्टी के पदाधिकारियों ने अपने विचारों को रखा। जिलाध्यक्ष श्रीकुमार सरकार ने कहा कि आलमगीर आलम को भाजपा ने साजिश के तहत झूठा मुकदमा में फंसा कर जेल भेज दिया क्योंकि लोकसभा चुनाव के समय भाजपा को आलमगीर आलम से डर था। प्रदेश महासचिव तनवीर आलम ने कहा कि पापा के जेल जाने से अचानक से हमारे ऊपर घर, समाज, कोर्ट की जिम्मेवारी मिल गई, पूरी तरह से घबरा गया था

लेकिन जेल से पिताजी ने एक ही बात कहा कि हम नहीं चाहते थे कि तुम राजनीति में आओ लेकिन तुम अपने मर्जी से आए हो, अब संभालो, लेकिन घबराना नहीं, खुद की लड़ाई खुद लड़ना है।तनवीर ने कहा आखिर जीत सच्चाई की हुई, विलंब हुआ लेकिन जमानत मिला, उन्होंने मंच से आग्रह किया कि जनता चाहती है कि उनके पिता आलमगीर आलम अपनी जिम्मेवारी को लें। आलमगीर आलम ने कहा कि हमेशा से उन्होंने क्षेत्र के लिए काम किया इसलिए विकट परिस्थिति में भी रिकॉर्ड के साथ जीत हुई, यह है जनता का प्यार। जेल में रहने के बाद भी वे हमेशा लोगों के बारे में पूछा करते थे। आलमगीर आलम ने कहा कि वे अब चुनाव नहीं लड़ेंगे, अब समाज सेवा करेंगे। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द वे क्षेत्र के हर गांव का दौरा करेंगे।

