पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA को लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल में आज से CAA पूरी तरह लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत छह समुदायों के लोगों को नागरिकता दी जाएगी, जबकि इसके दायरे में नहीं आने वालों को घुसपैठिया माना जाएगा। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को CAA के तहत नागरिकता मिलेगी। वहीं जो लोग इस कानून के दायरे में नहीं

आएंगे, उन्हें राज्य पुलिस गिरफ्तार कर BSF के हवाले करेगी और बाद में उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर CAA का विरोध करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब राज्य में इस कानून को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। शुभेंदु अधिकारी के इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकता का मुद्दा बता रही है, जबकि विपक्ष इस बयान को चुनावी ध्रुवीकरण की राजनीति करार दे रहा है। फिलहाल इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

