Kalpana Soren ने कहा है कि विकेंद्रित उत्पादन व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने महिलाओं की सामूहिक शक्ति, आत्मनिर्भरता और सहयोग की भावना को समाज में बदलाव का आधार बताया। कल्पना सोरेन ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट साझा करते हुए ‘संघे शक्ति कलियुगे’ की अवधारणा को रेखांकित किया और Shri Mahila Griha Udyog Lijjat Papad का उदाहरण देते हुए कहा कि यह महिला

सशक्तीकरण का बड़ा मॉडल है। उन्होंने महाराष्ट्र अध्ययन दौरे के दौरान Mumbai Dabbawala Association की कार्यप्रणाली को प्रेरणादायक बताया। विधायक ने कहा कि गृह एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और सम्मानजनक आजीविका दी जा सकती है। उन्होंने सरकार, निजी क्षेत्र और स्वयंसेवी संस्थाओं से मिलकर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए समन्वित प्रयास करने की अपील की।

