मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के नव नियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह की मुश्किलें अब बढ़ती नजर आ रही हैं। सैकड़ों गाड़ियों का काफिला निकालकर चर्चा में आए सौभाग्य सिंह पर मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आदेश में सौभाग्य सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, उनके प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। दरअसल, अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने के दौरान करीब 200 वाहनों की विशाल रैली निकाली गई थी, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से

वायरल हुए। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे शासन के दिशा-निर्देशों के खिलाफ बताते हुए गंभीर अनुशासनहीनता माना है। सरकार का कहना है कि इस तरह की वाहन रैली राष्ट्रीय संसाधनों की बर्बादी के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन में अपेक्षित सादगी और जवाबदेही के विपरीत है। आदेश के मुताबिक अब सौभाग्य सिंह निगम कार्यालय में प्रवेश, बैठकों की अध्यक्षता, प्रशासनिक फैसलों में भागीदारी और कर्मचारियों को निर्देश जारी करने जैसे अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ संदेश दिया है कि सरकार सार्वजनिक जीवन में अनुशासन और सादगी को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

