सरकार की छात्र विरोधी नीतियों के ABVP ने आक्रोश मार्च निकाला जो रथ मेला मैदान से प्रारंभ होकर बिरसा चौक तक पहुँचा जहाँ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, कल्याण मंत्री एवं उच्च शिक्षा का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार द्वारा शिक्षा के केंद्रीकरण और छात्रवृत्ति में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदेश सह मंत्री बम भोला उपाध्याय ने कहा कि पाकुड़ में बीएड, इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे प्रोफेशनल कोर्स करने वाले छात्रों की छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं होना चिंताजनक है। उन्होंने कहा, कल्याण विभाग में जिले के विद्यार्थियों एवं जनता के कल्याण राशि का बहुत बड़ा घोटाला हुआ है। सरकार बताए कि इस घोटाले की सीआईडी जांच किस प्रकार की हो रही है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई? हमारी मांग है कि सीआईडी जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और बीएड व इंजीनियरिंग सहित तमाम छात्रों की छात्रवृत्ति अविलंब जारी की जाए। कॉलेज मंत्री संतोष तूरी ने कहा कि इस व्यवस्था से पाकुड़ के छात्र सबसे अधिक प्रभावित होंगे।

उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, पाकुड़ के कॉलेजों से इकोनॉमिक्स सहित आर्ट्स के मुख्य विषयों को हटाया जा रहा है और पाकुड़ को केवल बंगला विषय का केंद्र बनाया जा रहा है। बिना संसाधनों और तैयारी के ऐसा मॉडल लागू करना पाकुड़ की शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करने की साजिश है।जिला जनजाति प्रमुख चंदन पहाड़िया ने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि झारखंड सरकार ने क्लस्टरिंग सिस्टम को वापस नहीं लिया और कल्याण राशि के घोटाले की निष्पक्ष जांच कर छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किया, तो ABVP पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन छेड़ेगी। यह पुतला दहन सरकार के लिए आखिरी चेतावनी है। आक्रोश मार्च में जिला संयोजक सुमित पांडे, कॉलेज उपाध्यक्ष गोविंद यादव, नगर सह मंत्री विशाल यादव, विशाल कुमार, अनिकेत, अंकित भगत, सूरज साहा दिनेश पंडित, सूरज चौधरी आयुष कुमार, कुणाल सिंह, आकांक्षा कुमारी, प्रीति कुमारी, सीमा कुमारी, सरोजिनी शाह, सीता किस्कू व अंजनी साहा उपस्थित रही।

