सदर प्रखंड के संग्रामपुर में स्कूल उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी अज़हर इस्लाम ने एक ऐसी बच्ची को गोद लिया जिसका इस दुनिया में माता पिता नहीं है। वह अपनी बूढ़ी नानी के सहारे जिंदगी गुजार रही है। उस मासूम बच्ची की हालत देखकर भरी सभा में अज़हर ने उसे बेटी स्वरूप गोद लिया। अज़हर ने अपने कार्यकर्ताओं के द्वारा उसके घर बच्ची के लिए नए कपड़े भिजवाए, ताकि

उसके चेहरे पर थोड़ी खुशी आ सके। अज़हर इस्लाम ने ताउम्र बच्ची की देखभाल करने, उसकी पढ़ाई, पालन पोषण और जीवन की हर जरूरत को पूरा करने का फैसला लिया। अज़हर ने कहा कि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है, और जब तक सांस चलेगी, वे इंसानियत की राह पर चलता रहेंगे। उनके लिए राजनीति का मतलब सिर्फ कुर्सी हासिल करना नहीं है।

