व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में ई-कोर्ट्स कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडे के निर्देश पर किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से सुदृढ़ करना और न्यायालय कर्मियों को ई-फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समेत अन्य ऑनलाइन सेवाओं के उपयोग में दक्ष बनाना था। कार्यक्रम की शुरुआत ओरिएंटेशन सत्र से हुई, जिसमें ई-कोर्ट्स परियोजना का परिचय दिया गया और दस्तावेजों की स्कैनिंग के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद ई-फाइलिंग प्रक्रिया, पोर्टल के फीचर्स, पंजीकरण और केस फाइलिंग से संबंधित तकनीकी जानकारियां दी गई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित नजीर, नायब नजीर एवं प्रोसेस सर्वरों को N-STEP के बारे में विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया। अन्य न्यायालय कर्मियों को भी ऑनलाइन प्रोसेस निर्गत करने के संदर्भ में विशेष तकनीकी जानकारी दी गई। ट्रेनर के रूप में सिस्टम असिस्टेंट नगमा प्रवीण एवं सहायक चमन आलोक ने e-courts services के उपयोग पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। सम्पूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम चार सत्रों में विशाल माझी, सिविल जज (सीनियर डिवीजन), पाकुड़ की निगरानी में आयोजित किया गया । कार्यक्रम को सफल बनाने में नजीर एवं अन्य वरिष्ठ कर्मियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम की समाप्ति प्रश्नोत्तर सत्र के साथ की गई जिसमे प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया। यह प्रशिक्षण न्यायिक व्यवस्था को पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।’

