दिनांक 09 मई 2026 को द्वारिका मेमोरियल फाउंडेशन एकेडमी, बिशुनपुर, धनबाद में ‘मातृ दिवस’ के अवसर पर एक भव्य एवं भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय की ओर से छात्र-छात्राओं की माताओं को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन विद्यालय के निदेशक डॉ उमेश प्रसाद सिंह, ट्रस्टी सरोजनी देवी, प्राचार्य मदन कुमार सिंह, उप-प्राचार्या पुष्पा सिंह तथा विद्यालय के हेड बॉय अजीत कुमार एवं हेड गर्ल रिया सिंह की मां के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय की छात्राओं खुशी कुमारी एवं अर्पिता गुप्ता द्वारा किया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत नृत्य “प्रणवालय” से हुई, जिसकी प्रस्तुति कक्षा सप्तम की छात्राओं द्वारा दी गई। इसके पश्चात कक्षा पंचम की छात्राओं ने “मेरे होंठ जो खुले तो” तथा “मेरी माँ मेरा रब” गीत पर मनमोहक प्रस्तुति देकर सभी का दिल जीत लिया। कक्षा तृतीय एवं प्रथम के बच्चों द्वारा प्रस्तुत “नानी अम्मा” ने उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया। वहीं कक्षा तृतीय की छात्राओं ने “मेरी माँ के बराबर” गीत एवं कक्षा चतुर्थ की छात्राओं ने “उंगली पकड़ के” गीत एवं कक्षा प्रथम की छात्राओं ने “तू कितनी अच्छी है” पर सुंदर प्रस्तुति दी। कक्षा पंचम एवं द्वितीय की छात्राओं द्वारा “लुका छुपी बहुत हुई” गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया गया। कक्षा छह की छात्राओं ने “शुक्रिया शुक्रिया” गीत एवं कक्षा आठ की छात्राओं ने “ममतामई मां” गीत के माध्यम से माँ के प्रति अपना प्रेम व्यक्त किया। वहीं संगीत शिक्षक श्री विजय शंकर उपाध्याय के नेतृत्व में कक्षा छह एवं सात के छात्रों द्वारा “तेरी उंगली पकड़ के चला” गीत की

भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया। कार्यक्रम में कक्षा छह के बच्चों द्वारा प्रस्तुत एक हास्य नाटक “मां घर की सुपर हीरो” ने सभी का विशेष रूप से मनोरंजन किया। बच्चों की शानदार अभिनय कला एवं संवादों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम में अतिथि गण के रूप में उपस्थित माताओं के लिए अनेक प्रकार की रोचक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिसमें माताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विजेता माताओं को विद्यालय परिवार की ओर से पुरस्कृत भी किया गया। विद्यालय के प्राचार्य मदन कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि माँ बच्चे की प्रथम गुरु होती है तथा उनका स्थान जीवन में सर्वोपरि है। निदेशक डॉ उमेश प्रसाद सिंह ने अपने संदेश में कहा कि माँ केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि बच्चों के संस्कार, शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य की प्रथम प्रेरणा होती हैं। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अभिभावकों एवं शिक्षकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की भरपूर सराहना की। पूरा विद्यालय परिसर भावनाओं, उत्साह एवं आनंद से सराबोर रहा। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुबीमान दास, राजा ठाकुर, माया कुमारी, सोनम मालाकार, दीपक अग्रवाल, रजनी चौधरी, श्रावणी मुखर्जी समेत अन्य शिक्षक / शिक्षिकाओं का योगदान सराहनीय रहा।

