महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के अवसर पर धनबाद में उनकी प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग, सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग और स्वाभिमान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक वीर योद्धा ही नहीं, बल्कि

राष्ट्रभक्ति, सम्मान और संघर्ष के प्रतीक हैं, जिनका जीवन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। प्रतिमा अनावरण के बाद लोगों ने पुष्प अर्पित कर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को नमन किया। कार्यक्रम स्थल पर देशभक्ति के नारों और जयकारों से माहौल गूंज उठा। आयोजकों ने कहा कि महाराणा प्रताप की जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि वीरता, स्वाभिमान और संस्कृति को याद करने का अवसर है। समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

