बूंदीभूड़ गांव में शराब की दुकान खोलने को लेकर गुरुवार को भारी बवाल हो गया। नेपाल बॉर्डर से सटे इस इलाके में महिलाओं ने शराब बिक्री का विरोध करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार गांव में अंग्रेजी और देसी शराब की दुकान आवंटित की गई थी। महिलाओं का कहना था कि गांव में पहले कभी शराब की दुकान नहीं रही और इसके खुलने से परिवार बर्बाद हो जाएंगे। इसी मांग को लेकर वे लंबे समय से विरोध कर रही थीं। गुरुवार दोपहर प्रशासन और आबकारी विभाग की टीम पुलिस बल के साथ दुकान खुलवाने पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। जैसे ही दुकान का शटर खोला गया, महिलाओं ने अंदर रखी शराब की बोतलें तोड़नी शुरू कर दीं। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठियां

फटकारकर भीड़ को हटाने का प्रयास किया, जिसके बाद महिलाएं उग्र हो गईं। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले और पथराव भी हुआ। हंगामे के दौरान अधिकारियों के वाहनों में तोड़फोड़ की गई। इस हिंसक झड़प में तहसीलदार वीरेंद्र कुमार और दारोगा मोहम्मद सैफ गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी महिलाएं भी चोटिल हुईं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा और हमला करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

