बड़कागांव प्रखंड के गोंदलपुरा गांव में कोल कंपनियों के विरोध में ग्रामीणों की एक बड़ी बैठक आयोजित की गई। बीते तीन वर्षों से चल रहे धरना-प्रदर्शन के बीच आयोजित इस बैठक में बड़ी संख्या में भू-रैयत और ग्रामीण शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता युवा आंदोलनकारी विकास कुशवाहा ने की, जबकि संचालन रवि कुमार ने किया। ग्रामीणों ने एक स्वर में फैसला लिया कि वे किसी भी कंपनी को अपनी जमीन का एक इंच हिस्सा भी नहीं देंगे और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखेंगे। बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग फर्जी रैयत बनकर कंपनियों के पक्ष में काम कर रहे हैं, जिसका उन्होंने कड़ा विरोध किया। साथ ही आंदोलन को और तेज करने को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। ग्रामीणों का कहना है कि भारत सरकार द्वारा क्षेत्र में कोयला खनन के लिए

कई कंपनियों को लीज दी गई है और कंपनियां लगातार जमीन अधिग्रहण का प्रयास कर रही हैं। हालांकि, भू-रैयतों की एकजुटता के कारण कंपनियों की योजनाएं सफल नहीं हो पा रही हैं। बैठक में मौजूद लोगों ने NTPC, Adani Group और BGR Mining & Infra Limited के खिलाफ जारी आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि NTPC बादाम कोल माइंस प्रबंधन द्वारा आंदोलनकारियों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिसकी उन्होंने कड़ी निंदा की। भू-रैयतों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और क्षेत्र से कोयला निकासी का विरोध होता रहेगा।

