उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने हिरणपुर प्रखंड सभागार में जनगणना के सफल संचालन को लेकर आयोजित प्रगणकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रगणकों से संवाद करते हुए जनगणना की प्रक्रिया, उसकी उपयोगिता एवं जिम्मेदारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उपायुक्त ने कहा कि भारत की जनगणना विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जो देश की विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के वितरण एवं नीतिगत निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के संचालन का आधार होते हैं, इसलिए इसकी शुद्धता एवं पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। प्रगणक विशेष मोबाइल एप के माध्यम से घर घर जाकर आंकड़ों का संग्रहण करेंगे,

जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल एवं प्रभावी बनेगी। उपायुक्त ने बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं भवन गणना तथा द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 मई से 15 मई 2026 तक सेल्फ एन्यूमरेशन, 16 मई से 14 जून 2026 तक हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन तथा फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना प्रस्तावित है। उन्होंने सभी प्रगणकों को पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी एवं ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी का उपयोग क्षेत्रीय कार्यों में प्रभावी रूप से करें, ताकि जनगणना का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

