उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने लिट्टीपाड़ा प्रखंड स्थित गुतु गलांग कल्याण ट्रस्ट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ट्रस्ट द्वारा संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया। उपायुक्त ने ट्रस्ट परिसर में संचालित बोरा सिलाई केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान ट्रस्ट में कार्यरत पहाड़िया समुदाय की दीदियों से उन्होंने उनके कार्य, उत्पादन क्षमता एवं आय के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। दीदियों ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 5 हजार से 6 हजार बोरा की सिलाई की जाती है, जबकि प्रतिमाह 1 लाख से 1.5 लाख बोरा तैयार किए जाते हैं। ये बोरे झारखंड के 22 जिलों में डाकिया योजना के अंतर्गत चावल पैकेजिंग के लिए उपयोग किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्य से ट्रस्ट से जुड़ी महिलाओं को प्रतिमाह लगभग 6000 से 7000 रुपये तक की आय हो रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं।

ट्रस्ट की मुख्य ट्रस्टी रूबी मालतो ने ट्रस्ट की स्थापना से लेकर अब तक की प्रगति, कार्य विस्तार एवं उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी उपायुक्त को दी। उपायुक्त ने उत्पादन क्षमता को और बेहतर बनाने हेतु नई मशीनों के अपग्रेडेशन का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने डीपीएम को निर्देशित किया कि निजी क्षेत्र में भी बोरा की आपूर्ति की संभावनाओं को तलाशते हुए बाजार विस्तार की दिशा में कार्य किया जाए। निरीक्षण के क्रम में महिलाओं ने उपायुक्त को बताया कि वे बरबटी एवं बाजरा की खरीदारी कर उसकी पैकेजिंग कर रही हैं, जिसे सरकार के पलाश ब्रांड से जोड़ा गया है। उपायुक्त ने महिलाओं के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं तथा अन्य महिलाओं को भी इस प्रकार के स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

