झारखंड के हजारीबाग से नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है… जहां करोड़ों रुपये की आधुनिक सफाई मशीनें यार्ड में खड़ी-खड़ी कबाड़ बनती जा रही हैं… और शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल होती जा रही है। दरअसल, महापौर अरविंद कुमार राणा ने नगर निगम यार्ड का निरीक्षण किया… जहां स्वीपिंग मशीन, टॉयलेट टैंक सफाई वाहन, टिपर, जेसीबी और डंपर जैसी कई मशीनें लंबे समय से अनुपयोगी हालत में पाई गईं। हैरानी की बात ये है कि इनमें से कई मशीनें मामूली मरम्मत के बाद फिर से इस्तेमाल में लाई जा सकती हैं… लेकिन देखरेख के अभाव में ये बेकार पड़ी हैं। इतना ही नहीं… हाल ही में खरीदे गए नए ट्रैक्टर भी बिना चालक के खड़े-खड़े जंग खा रहे हैं… जिससे खरीद प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। फॉगिंग मशीनें भी खराब पड़ी हैं… जिससे मच्छरजनित

बीमारियों पर नियंत्रण प्रभावित हो रहा है… वहीं कचरा उठाने के लिए खरीदे गए डस्टबिन और ट्रॉलियां भी उपयोग में नहीं लाई जा रहीं। स्थिति यह दर्शाती है कि नगर निगम के पास संसाधनों की कमी नहीं… बल्कि प्रबंधन और जवाबदेही की कमी है। बताया जा रहा है कि पिछले कई वर्षों से सफाई कर्मियों की नियुक्ति भी नहीं हुई है… जबकि शहर लगातार फैल रहा है। अब जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के संकेत दिए हैं… और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की बात कही है।

