सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब इलाज करा रहे एक पुलिसकर्मी और ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इस घटना में दोनों पक्ष घायल हो गए, जिनका इलाज अस्पताल में ही कराया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार का एक पुलिस जवान मोहम्मद इरफान सदर अस्पताल में इलाजरत था। उसे ड्रिप (सलाइन) चढ़ाई जा रही थी। इसी दौरान ड्रिप समाप्त होने पर जवान ने स्वयं ही हाथ में लगी सुई निकाल दी, जिससे उसके हाथ से खून बहने लगा। घबराए जवान ने तुरंत ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ से खून रोकने और इलाज करने को कहा। बताया जाता है कि उस समय नर्सिंग स्टाफ एक गंभीर एक्सीडेंट केस को संभालने में व्यस्त था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इमरजेंसी वार्ड में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षा गार्डों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना की जानकारी मिलने पर अस्पताल प्रशासन भी हरकत में आया। सिविल सर्जन , उपाध्यक्ष , डीपीएम तथा अस्पताल प्रबंधक मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। फिलहाल दोनों घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। पुलिस द्वारा अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं तथा वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि जांच के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के संचालन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बाइट -घायल पुलिस कर्मी

