मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कूटनीति तेज हो गई है… और इस बार चर्चा के केंद्र में हैं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जारी तनाव के बीच अराघची एक बार फिर पाकिस्तान पहुंचे हैं… और बताया जा रहा है कि पिछले 48 घंटों में यह उनकी तीसरी यात्रा है। इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है… क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए लगातार कोशिशें जारी हैं। खास बात ये है कि पाकिस्तान इस पूरे घटनाक्रम में ‘शांतिदूत’ की भूमिका निभा रहा है… जो दोनों देशों के बीच बातचीत और संदेशों के आदान-प्रदान में मदद कर रहा है। पाकिस्तान आने से पहले अराघची रूस और ओमान का दौरा कर चुके हैं… जहां उन्होंने बड़े नेताओं से मुलाकात कर क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के

साथ हुई मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव के मुद्दे पर भी विस्तार से बातचीत हुई। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान का समर्थन करते हुए कहा कि वे क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। वहीं, ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में अस्थायी संघर्ष विराम और बातचीत के बावजूद… स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। ऐसे में अराघची की लगातार यात्राएं यह संकेत दे रही हैं कि पर्दे के पीछे कूटनीतिक हल निकालने की कोशिशें तेज हो गई हैं। अब देखना होगा कि इन कोशिशों से क्षेत्र में तनाव कम होता है या हालात और जटिल हो जाते हैं।

