22 अप्रैल 2025 को बैसारण, पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर हुए जघन्य आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस हमले के पीछे Lashkar-e-Taiba से जुड़े तीन आतंकियों—सुलेमान शाह, हमजा अफगानी और जिब्रान भाई—का हाथ सामने आया। हमले के तुरंत बाद Indian Army और सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर ऑपरेशन शुरू किया, जिसे “ऑपरेशन महादेव” नाम दिया गया। ह्यूमिंट और तकनीकी खुफिया जानकारी के सहारे आतंकियों के मूवमेंट को ट्रैक किया गया। आतंकी दक्षिण कश्मीर के पहाड़ी इलाकों से होते हुए दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान के घने जंगलों में छिपने की कोशिश

कर रहे थे। लेकिन सेना, Jammu and Kashmir Police और अन्य बलों के संयुक्त अभियान ने उनके सभी रास्ते बंद कर दिए। करीब 93 दिनों तक चले इस ऑपरेशन में 250 किलोमीटर तक पीछा किया गया और अंततः 28 जुलाई 2025 को पैरा स्पेशल फोर्सेज ने सटीक कार्रवाई करते हुए तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया। ऑपरेशन महादेव भारतीय सुरक्षा बलों के धैर्य, तकनीक और रणनीतिक कौशल का प्रतीक बन गया—एक साफ संदेश कि आतंक का अंत तय है।

