उत्तर प्रदेश के बस्ती से सिस्टम की बड़ी लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वह पूरी तरह जीवित हैं। अपनी पहचान और हक के लिए उन्होंने अनोखा विरोध किया। जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर वह कफन ओढ़कर लेट गए, गले में माला डाली और फिर अचानक उठकर हाथ में एक तख्ती दिखाने लगे, जिस पर लिखा था— “डीएम साहब, मैं जिंदा हूं।” बताया जा रहा है कि भूमि रिकॉर्ड में गलती के कारण उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया, जिससे उन्हें सरकारी सुविधाओं और अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है।

यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे एक छोटी सी गलती किसी की पूरी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। अब सवाल यह है कि आखिर इस “कागजी मौत” का जिम्मेदार कौन है और कब तक ऐसे मामले सामने आते रहेंगे?

