लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े तीन ऐतिहासिक विधेयकों पर वोटिंग होने जा रही है। यह केंद्र सरकार के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक परीक्षण माना जा रहा है। प्रस्तावित बिल के पारित होने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता है, जबकि सरकार के पास फिलहाल आवश्यक संख्या से 67 वोट कम बताए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस अवसर पर सांसदों से भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी सांसद अपने घर की महिलाओं—मां, बहन, बेटी और पत्नी—को याद करते हुए अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें। पीएम मोदी ने इसे देश की नारी शक्ति को नया अवसर

देने और लोकतंत्र को मजबूत करने का ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह संशोधन सर्वसम्मति से पारित होता है, तो यह भारत की महिलाओं को उनका अधिकार देने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह महत्वपूर्ण विधेयक संसद से पारित होकर इतिहास रच पाएगा या नहीं
