पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर साफ कर दिया कि उनकी सरकार फाइलों से नहीं, जमीन पर काम करने में विश्वास रखती है। सचिवालय में बैठक के बीच अचानक उन्होंने रुख बदला और सीधे निकल पड़े देहरादून के राजपुर रोड स्थित जाखन क्षेत्र की ओर। यहां वे उस शिकायतकर्ता से मिले, जिसकी समस्या सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लंबित थी। मौके पर पहुंचकर उन्होंने पाया कि विद्युत लाइन अंडरग्राउंड करने के बाद फुटपाथ का सही ढंग से निर्माण नहीं हुआ, जिससे टाइल्स धंस चुकी हैं और कुछ जगहों पर लाइनें पूरी तरह भूमिगत भी नहीं हैं। स्थिति देखकर मुख्यमंत्री का लहजा

सख्त हो गया। उन्होंने अधिकारियों से सीधे सवाल किए—काम की गुणवत्ता की जांच किसने की और लापरवाही क्यों हुई? उन्होंने तुरंत फुटपाथ के पुनर्निर्माण, विद्युत लाइनों को मानकों के अनुसार भूमिगत करने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सचिवालय लौटकर उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अब केवल कागजी काम नहीं चलेगा। हर शिकायत का फील्ड वेरिफिकेशन होगा और लापरवाही पर सीधी कार्रवाई की जाएगी। यह औचक निरीक्षण सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को कड़ा संदेश था—जनता की सुरक्षा और सुविधा में कोई समझौता नहीं होगा।

