अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के नाकाम होने के बाद अब पाकिस्तान की बेचैनी साफ नजर आ रही है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार अब प्लान-बी पर काम कर रही है और मध्य पूर्व की कूटनीति में खुद को फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, शहबाज शरीफ और पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर अगले 48 घंटों में सऊदी अरब का दौरा कर सकते हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से पटरी पर लाना बताया जा रहा है। खबर ये भी है कि शहबाज शरीफ को सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की ओर से विशेष निमंत्रण

मिला है। इस मुलाकात में पाकिस्तान, मध्य पूर्व की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और असफल शांति वार्ता पर विस्तार से चर्चा कर सकता है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब के जरिए अमेरिका पर दबाव बनाना चाहता है ताकि वह दोबारा ईरान के साथ बातचीत की टेबल पर लौटे। इसके साथ ही पाकिस्तान ने तुर्की के साथ भी अपने सैन्य और कूटनीतिक रिश्ते तेज कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पाकिस्तान की ये कूटनीतिक कोशिशें क्या रंग लाती हैं… क्या अमेरिका और ईरान फिर से आमने-सामने बैठेंगे, या मध्य पूर्व का तनाव और गहराएगा—इस पर सबकी नजर बनी हुई है।

