रानीगंज विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले नामांकन के अंतिम दिन एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब समाजसेवी गोपाल आचार्य ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर मुकाबले को नया मोड़ दे दिया। उन्होंने दुर्गापुर स्थित एसडीओ कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन पत्र जमा किया। गोपाल आचार्य लंबे समय से क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर सक्रिय

रहे हैं और ‘रानीगंज बचाओ मंच’ से जुड़े हुए हैं। नामांकन के बाद उन्होंने “स्थानीय बनाम बाहरी” को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया। उनका कहना है कि अब तक क्षेत्र से चुने गए प्रतिनिधि बाहरी रहे, जिससे स्थानीय समस्याएं नजरअंदाज होती रहीं। रानीगंज सीट पर पहले से भारतीय जनता पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला है। ऐसे में निर्दलीय उम्मीदवार की एंट्री से चुनावी समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जनता “स्थानीय चेहरे” को कितना समर्थन देती है।

