मौका मिलते ही छक्का मारने की कोशिश।

मौका मिलते ही छक्का मारने की कोशिश।

जी हां झारखंड मुक्ति मोर्चा की हालत ये है कि ये कोयला चोरी के मुद्दे पर कुछ नहीं बोलते,भ्रष्टाचार के मुद्दे पर इनसे बात ही मत करो बांग्लादेशी और रोहंगिया के मामले में ये पश्चिम बंगाल सरकार के रास्ते पर चल पड़े हैं। लेकिन कल जब इन्हें अचानक से पता चला कि विष्णुगढ़ में हुई निंदनीय घटना को अंजाम देने वाला व्यक्ति भीमाराम, भाजपा से ही जुड़ा हुआ है तो जगह जगह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा को घेरने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। यहां भाजपा बैक फुट पर जरूर नजर आ रही है। गौर तलब रहे कि विष्णुगढ़ मामले को लेकर 3 अप्रैल को भाजपा ने झारखण्ड बंदी का आह्वान किया था। आश्चर्य तो यह है कि इस घटना को लेकर भाजपा रामनवमी के एक दिन बाद से ही प्रदर्शनरत थी तब ये भीगी बिल्ली के तरह बिल में दुबके हुए थे न्याय के लिए इनके जुबान में तला लग गया था। कल मौका मिला तो दहाड़ना शुरू कर दिया। एक नहीं कई मामले गिनवा डाले पेपर के कटिंग को दिखा दिखा कर भाजपा के दोषों को गिनवाया गया। आम जनता को समझना चाहिए कि राजनीति क्या है। झामुमो जिला कार्यालय, कुर्मीडीह (धनबाद) में झामुमो धनबाद जिला अध्यक्ष लक्खी सोरेन, केन्द्रीय मिडिया पैनेलिस्ट डॉ निलम मिश्रा, जिला सचिव मन्नू आलम,महानगर अध्यक्ष मंटू चौहान, जिला प्रवक्ता समीर रवानी द्वारा हजारीबाग, विष्णुगढ़ में नाबालिग लड़की की निर्मम हत्या के मामले को लेकर प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया।* *प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष श्री लक्खी सोरेन ने कहा कि इस पूरे मामले में झारखण्ड पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए भारी दबाव के बावजूद कम समय में घटना का सफल उद्भेदन किया है, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस संवेदनशील घटना को राजनीतिक हथियार बनाकर झारखण्ड सरकार को बदनाम करने की साजिश रची। बिना तथ्यों के मामले को दुष्कर्म का रूप देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया।* *उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब जब सच्चाई सामने आ गई है और भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता भीमराम का नाम मुख्य अभियुक्त के रूप में उजागर हुआ है, डॉ. नीलम मिश्रा ने कहा की भाजपा सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल कर चौक चौराहे पर धरना प्रदर्शन कराकर सरकार की छवि धूमिल करनें का निचले स्तर तक प्रयास करती है। महिलाओं के प्रति संवेदना सिर्फ उन्ही राज्यों के लिए होती है जहां भाजपा की सरकार नहीं है । ये मणिपुर ,बिहार ,अंकिता भंडारी तथा भाजपा द्वारा बीएचयू में छात्राओं के साथ सामूहिक बलात्कार किया जाता है तब ये चुप रहते हैं। आसाराम बापू ,राम रहीम जैसे बलात्कारियों को पैरोल पर छोड़ा जाता है तब भी चुप रहते हैं। दिल्ली में हमारे देश की स्वर्ण पदक विजेता रेसलर बेटियों को अपमानित किया जाता है तब भी चुप रहते हैं। ऐसे आज संख्यक उदाहरण है जिसमें भाजपा सीधे तौर पर ऐसे बलात्कारियों को बचाने और संरक्षण देने का काम करती हैं। आखिर क्या कारण है कि जहां भी ऐसी घटना घटती है कहीं ना कहीं जांच के उपरांत बार-बार हर बार भाजपा के लोग ही इसमें संकल्पित पाए जाते हैं प्रस्तुत है सहयोगी अजीत मिश्रा के साथ पंकज सिन्हा की रिपोर्ट धनबाद से।

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