निजी विद्यालयों के द्वारा मनमाने तरीके से शुल्क बढ़ोतरी के मुद्दे पर रामभक्त सेवा दल ने मोर्चा खोला जिले में निजी विद्यालयों की बढ़ते मनमानी एवं री-एडमिशन के नाम पर प्रति वर्ष नामांकन शुल्क बढ़ाने व निर्धारित दुकानों से ही किताब खरीदने हेतु अभिभावकों पर दबाव बनाने के खिलाफ राष्ट्रीय संगठन रामभक्त सेवा दल ने मोर्चा खोल दिया है।

इस मुद्दे पर संगठन ने उपायुक्त को पत्र भी सौंपा है। इस मुद्दे पर संगठन के जिला अध्यक्ष रतन भगत ने निजी विद्यालयों पर आरोप लगाते हुए कहा कि निजी विद्यालय हर वर्ष नामांकन शुल्क बढ़ाने, किताब किसी तय दुकान से ही खरीदने का दबाव बनाने, मनमाने शुल्क पर विद्यालय से ड्रेस बेचने का धंधा बना लिया है जबकि अन्य जिलों में री एडमिशन शुल्क नहीं लिया जा रहा है। पाकुड़ के निजी विद्यालय उपायुक्त के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। बताते चलें कि विगत दिनों उपायुक्त के द्वारा शुल्क ना बढ़ाए जाने संबंधी निर्देश जारी किया गया था। जिलाध्यक्ष ने कहा कि अगर निजी स्कूलों का रवैया नहीं बदला तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।*

